योगी सरकार का टीएमयू को तोहफा, इन्क्यूबेटर को यूपी स्टार्टअप नीति के तहत हरी झंडी

प्रो. श्याम सुंदर भाटिया

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी ने एक और उपलब्धिपूर्ण छलांग लगाई है। यूनिवर्सिटी के इन्क्यूबेटर को यूपी की योगी सरकार ने मान्यता दे दी है। सरकार ने यह मंजूरी उत्तर प्रदेश स्टार्ट अप नीति- 2020 के अंतर्गत दी है। उल्लेखनीय है, नई उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति- 2020 करीब सवा साल पहले बनी है। सरकार का लक्ष्य है, पांच वर्षों में सूबे में 100 इन्क्यूबेटर स्थापित किए जाएं। इस लक्ष्य के तहत हर जनपद में कम से कम एक इन्क्यूबेटर्स हो। अब तक सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट अप नीति- 2018 से लेकर उत्तर प्रदेश स्टार्ट अप नीति- 2020 में कुल 24 इन्क्यूबेटर्स को हरी झंडी दी जा चुकी है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी समेत 13 और नए इन्क्यूबेटर्स को भी सरकार ने अपनी स्वीकृति दी है। इन्क्यूबेटर्स में इन्क्यूबेटड स्टार्टअप के जरिए एग्रीटेक, आर्टिफिशिएल इन्टेलीजेन्स (ए.आई.) इन्टरनेट ऑफ थिंग्स, (आई . ओ.) मशीन लर्निंग, ईकॉमर्स, बायोटेक्नोलोजी, पयर्टन, रूरल इनोवेशन आदि महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। शासन से मान्यता प्राप्त ये सभी इन्क्यूबेटर्स प्रदेश में उदीयमान नवीन तकनीकी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को सहयोग करते हुए एक सुट्टढ़ स्टार्टअप ईकोसिस्टम का निर्माण करेंगे।

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी का टीएमयू बिजनेस इंक्यूबेशन सेंटर- टीएमयू बीआईसी युवाओं के सपनों में रंग भर रहा है। केंद्र सरकार के पोर्टल डीपीआईआईटी पोर्टल पर पाँच स्टार्टअप्स चिन्हित कर लिए गए हैं। स्टार्टअप्स को लेकर टीएमयू बेहद संजीदा है। टीएमयू बीआईसी की कोर्डिनेटर एवम् एसोसिएट डीन डॉ मंजुला जैन ने बताया, टीएमयू बीआईसी से लगभग 50 मेंटर्स जुड़े हैं। टीएमयू बीआईसी पाँच एरियों में काम कर रही है- हेल्थ केयर, एग्रीकल्चर एजुकेशन, इंफ़ोर्मेशन टेक्नोलॉजी , इलेक्ट्रॉनिक और मीडिया। टीएमयू बीआईसी की अटल इंक्यूबेशन सेंटर, ग्रेटर नोएडा के बिमटेक इंस्टीटयूट और बाबा साहब अम्बेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी, औरंगाबाद- महाराष्ट्र से स्टार्टअप्स को लेकर पार्टनरशिप है। एमजीबी श्री अक्षत जैन कहते हैं, टीएमयू बीआईसी इस विजन के संग अपनी विकास यात्रा करेगा, जिसमें युवा उद्यमियों के लिए सफलता के नए द्वार खुलेंगे एबं सोसिओ – इकनोमिक ग्रोथ का मार्ग प्रशस्त होगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शुमार मुरादाबाद के विकास में भी सकारात्मक भूमिका निभाएगा। कुलपति प्रो. रघुवीर सिंह और रजिस्ट्रार डॉ आदित्य शर्मा मानते हैं, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और यूपी के ऊर्जावान मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्टस- स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया के प्रति यूनिवर्सिटी समर्पित है।

इन्क्यूबेटर एक अनुभवी प्रोफेशनल्स की ओर से संचालित एक ऐसी संस्था होती है, जो उभरते हुए उद्यमियों को बिजनेस डवलप करने के लिए सपोर्ट प्रदान करती है। उनकी समस्याओं का समाधान सुझाती है। ये सहायता तकनीकी, वित्तीय और कानूनी हो सकती है। इन्क्यूबेटर स्थापित और मान्य संस्थानों के सहयोग से, कार्य करता है। इन्क्यूबेटर प्रस्तावित उद्यमों को 10 लाख तक की वित्तीय सहायता भी प्रदान करता है। उद्यम सफल होने की स्थिति में एक निश्चित तय शुल्क इन्क्यूबेटर को देना होगा। इस प्रकार एक इन्क्यूबेटर मेंटर की मानिन्द है। इंक्यूबेटर्स मुख्य तौर पर उभरते हुए नए आइडिया को सपोर्ट प्रदान करते हैं। वह आइडिया को एनालाइस कर उसकी सफलताओं की संभावनाओं को तलाशते हैं। इसके बाद उस स्टार्टअप को सहायता प्रदान करते हैं। नए उद्यमियों को हर कदम पर सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन्क्यूबेटर्स मेंटर की भूमिका निभाते हैं। इन्क्यूबेटर नए स्टार्टअप और इंवेस्टर के बीच एक पुल के मानिन्द कार्य करता है। इस प्रकार इन्क्यूबेटर स्टार्टअप को सपनों से हकीकत में बदल देता है। विश्व के विकसित देशों में इन्क्यूबेटर संस्कृति पुरानी है, लेकिन भारत को विकासशील से विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए इन्क्यूबेटर और स्टार्टअप की अहम भूमिका रहेगी। कुछ वर्षों से भारत में स्टार्टअप कल्चर की शुरूआत केंद्र और यूपी समेत देश के दीगर राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालय कर रहे हैं इसका प्रतिफल है, देश में अब सैंकड़ों स्टार्टअप्स फर्राटा भर रहे हैं।

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