सपा का पिछड़ा वर्ग सम्मेलन एवं चौपाल कार्यक्रम सम्पन्न, बूथ स्तर पर जी-जान से जुटने की अपील

लखनऊ। समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ0 राजपाल कश्यप सदस्य विधान परिषद की दस दिवसीय जनपद समीक्षा बैठक, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन एवं चौपाल कार्यक्रम 23 जुलाई से शुरू होकर एक अगस्त तक चला। विभिन्न स्थानों पर निषाद समाज के अलावा पिछड़े वर्ग के लोग बड़ी संख्या में डॉ0 कश्यप के स्वागत में उमड़े।

सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही एवं प्रयागराज जनपद के सभी विधान सभाओं में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष राजपाल ने 2022 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बूथ स्तर पर जी-जान से जुट जाने की अपील की। उन्होंने गाजीपुर में फूलन देवी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा सरकार द्वारा पण्डाल को गिराये जाने एवं निषाद समाज पर मुकदमें पंजीकृत किये जाने की घटना की निन्दा की है।

राजपाल के स्वागत में वाराणसी में दशाश्वमेध घाट से अस्सी घाट तक मल्लाहों ने नाव की यात्रा निकाली। नाविकों की समस्याओं एवं क्रूज के विरोध से सम्बन्धित मांगपत्र देते हुए निषाद समुदाय के लोगों ने नावों के रख रखाव एवं उसके निर्माण में सहयोग के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपील किया। सदस्य विधान परिषद डॉ0 कश्यप ने मछुआरा समाज को आश्वासन दिया कि समाजवादी सरकार बनने पर नावों की खरीद के लिए लोन और सब्सिडी सुनिश्चित की जायेगी।

सोनीभद्र एवं मिर्जापुर पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में डॉ0 कश्यप ने निषाद राज की मूर्ति पर माल्यार्पण कर पौराणिक शीतला मंदिर में दर्शन किया। इस मंदिर में निषाद पुजारी की ही मान्यता है। वहां अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए हवन-पूजन हुआ। मिर्जापुर-भदोही में स्थानीय लोगों ने वहां की पूर्व सांसद फूलन देवी की स्मृति में भव्य स्मारक बनाने की मांग की।

प्रयागराज में संगम पर नाविकों ने मोटर बोट के खिलाफ मांग पत्र भी डॉ0 कश्यप को दिया। श्रृंगवेरपुर में निषाद राज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राजपाल ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर भव्य स्मारक बनाया जायेगा।

पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 कश्यप ने कहा कि समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जातीय जनगणना, आबादी के अनुसार हक और हिस्सेदारी, निजी क्षेत्र में आरक्षण, पिछड़ा-दलित, अल्पसंख्यक समाज के अधिकारियों एवं प्रोफेसरों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किये जाने सहित लैटरल इंट्री के खिलाफ लगातार जनता के बीच जाकर जन जागरूकता फैला रहा है।

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