अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदले जाने की आवश्यकता : पीआईएल मैन

मुरादाबाद। पांच कानून लाओ भारत बचाओ, सूत्र वाक्य के साथ कला भारती द्वारा जन जागरण अभियान का आयोजन आज मुरादाबाद में स्थित ड्राइव इन 24 होटल में किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात अधिवक्ता पीआईएल मैन के नाम से प्रख्यात अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय उपस्थित रहे। दिल्ली से पधारे प्रख्यात वक्ता ने कहा की पांच कानून सहित 110 पीआईएल सुप्रीम कोर्ट में मेरे द्वारा डाली जा चुकी हैं। इन सभी पीआईएल में सरकार से यह मांग की गई है कि अंग्रेजों के जमाने के विभिन्न कानूनों को सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से बदले जाने की आवश्यकता है।

प्रख्यात अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि अंग्रेजों ने भारत वर्ष में आकर इंडियन पीनल कोर्ट की स्थापना की और इंडियन पीनल कोर्ट के माध्यम से भारतीयों पर जुल्म करने के लिए कानून बनाए, जिस प्रकार मुगल आक्रांताओ द्वारा भारतीय जनमानस पर भारत में राज करने के लिए विभिन्न प्रकार के अत्याचार किए गए, ठीक उसी प्रकार अंग्रेजों द्वारा अत्याचार करने का माध्यम विभिन्न कानूनों को बनाया गया। अंग्रेजों के समय स्थापित इंडियन पीनल कोर्ट के तमाम कानून आज भी भारतीय जनमानस के शोषण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं

प्रख्यात अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि विभिन्न कानूनों के माध्यम से सर्वाधिकार ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस को दिए जाने से आमजन तक ऐसे कानूनों का कोई लाभ नहीं पहुंचता और आज भी आमजन शोषित दबा और कुचला है , देश में बढ़ रही जनसंख्या पर भी शीघ्र कानून बनाए जाने की मांग की है औऱ देशभर में अलग-अलग प्रांतों में विभिन्न प्रकार की शिक्षा पद्धतियां अधिकाधिक बोर्ड, धनाढ्य और गरीब के बीच सीबीएसई बोर्ड तथा आईसीएसई बोर्ड और राज्यों के शिक्षा बोर्ड द्वारा शिक्षा पद्धति, मैकाले की शिक्षा पद्धति यह समाज में बराबरी नहीं बल्कि दो गरीब और अमीर के बीच बड़ी खाई खोदने का काम कर रही है ऐसी शिक्षा पद्धति को भी शीघ्र बदला जाना चाहिए, देश में रह रहे विभिन्न मानयताओं के व्यक्ति विभिन्न धर्मों के व्यक्ति विभिन्न संप्रदायों के बीच अलग-अलग कानून का होना भी देशवासियों में असंतोष उत्पन्न करता है।

प्रख्यात अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि समान नागरिक संहिता की भी बदलते हुए भारत में अत्यधिक आवश्यकता है। अलग-अलग वर्ग में विवाह की आयु अलग होना समाज में जहां विकृति उत्पन्न करता है।आने वाली संस्कृति के लिए यह सोचकर नहीं है देश में दिन-प्रतिदिन बढ़ रही घुसपैठ को भी रोकने का रोकने हेतु तत्काल कानून बनाए जाने की भी मांग की गई है।

5 कानूनों के साथ-साथ ऐसी 110 पीआईएल डालने वाले उपाध्याय ने जनमानस के सामने यह मांग की कि वह समय है कि जब आज हमें जागृत होकर आने वाली संतति के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता है युवाओं को अपने जोश के साथ आगे बढ़ना है तो समाज में हर तबका तन मन धन से आज देश के लिए खड़े होने की आवश्यकता है और ऐसे तमाम कानून जो भारत की उन्नति मेऔऱ समाज के उत्थान में बाधक हैं । जनमानस में विद्युत उत्पन्न करने में सहायक हैं ऐसे कानूनों को अति शीघ्र बदलवाने हेतु सरकार पर दबाव बनाने की आवश्यकता है।

प्रख्यात अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि आने वाले समय में 8 अगस्त 2021 रविवार को दिल्ली में जंतर मंतर पर एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुरादाबाद ही नहीं देश भर से तमाम ऐसे बुद्धिजीवी और जागरूक जन जंतर मंतर पर एकत्र हो रहे हैं तथा मुरादाबाद की जनता से भी आवाहन है कि आप भी पूरे मनोयोग से ऐसे कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें औऱ 8 अगस्त को जंतर मंतर पर भारत जोड़ो कार्यक्रम में आने का उन्होंने सभी से आवाहन किया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित नगर विधायक रितेश गुप्ता ने कहा यह हमारा सौभाग्य है कि ऐसे विद्वान अधिवक्ता को सुनने का मुरादाबाद के जनमानस को मौका मिला हम आश्वासन देते हैं कि अतिशीघ्र एक बड़ा आयोजन मुरादाबाद में औऱ किया जाएगा जिससे अधिकाधिक लोग आपके इन विचारों से लाभान्वित हो सकें।

कार्यक्रम के अध्यक्ष शिक्षक विधायक डॉक्टर जयपाल सिंह व्यस्त ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज आवश्यकता है अपने अंदर की ऊर्जा को जागृत कर देश के लिए खड़े होने की। उन्होंने कहा जिस प्रकार से विभिन्न राष्ट्र अपनी जनता की रक्षा के लिए सुधार कानून बनाते हैं , ऐसे हमारे कानूनों की जो खामियां हैं। उन्हें सरकार दूर करें औऱ इसके लिए सबको एक स्वर में एकजुट होकर सरकार से मांग करनी चाहिए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुकेश शर्मा , धवल दीक्षित , डॉक्टर बृजपाल सिंह यादव , हरेंद्र चौधरी ,हिमांशु यादव , मनोज व्यास, आशीष त्रिवेदी , प्रत्यूष यादव , हनी त्यागी , विक्की पैंथर , जोगिंदर सिंह , करण दीप संधू , रंजीत कौर , महेश चंद शर्मा , संदीप शर्मा , हिमांशु शर्मा ,सत्यवीर सिंह चौहान , सुरेंद्र चौधरी , हिमांशु शर्मा , केके शर्मा , विमल इंद्र शर्मा , विमलेंद्र शर्मा , रामप्रकाश शर्मा नवीन वाष्णेय , राजेंद्र उपाध्यायआदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कला भारती के महामंत्री बाबा संजीव आकांक्षी ने जबकि संयोजन कार्तिकेय उपाध्याय ने किया।

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