मिशन शक्ति के तृतीय चरण का शुभारम्भ

लखनऊ। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां मिशन शक्ति के तृतीय चरण के शुभारम्भ के अवसर पर कहा कि जब भी किसी महिला को अवसर व प्रोत्साहन मिलता है, तब वह महिला उसमें बिना किसी संकोच के शामिल होती है। महिलाएं अपने कार्य की जिम्मेदारी को बखूभी निभाती हैं।
 
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी ऊर्जा, कार्य करने की क्षमता के कारण ही प्रदेश के प्रत्येक जिले का निरन्तर भ्रमण करते रहते हैं, जिससे प्रदेश के विकास को गति मिलती है। उन्होंने प्रदेश को विकसित करने, कानून व्यवस्था को ठीक करने और महिला सशक्तीकरण करने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बी0सी0 सखी के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक गांव में बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, स्वामित्व योजना, पोषण अभियान एवं मुद्रा लोन योजना में सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश की महिलाओं को मिला है।
 
केन्द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं में महिलाओं पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए देश के सभी सैनिक स्कूलों में बालिकाओं को प्रवेश देने की व्यवस्था की गयी है।
 
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत 01 लाख 55 हजार पात्र बालिकाओं को अनुदान राशि का ऑनलाइन हस्तान्तरण किया गया। साथ ही, इस अवसर पर बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई महिला पुलिस बटालियन के प्रांगण का शिलान्यास तथा मिशन शक्ति के दो चरणों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 75 महिलाओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में मिशन शक्ति के तृतीय चरण के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विकास कार्यों में महिलाओं को वरीयता दी जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने प्रारम्भ से ही महिलाओं के सशक्तीकरण पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चरणबद्ध ढंग से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं मिशन शक्ति जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज स्वयं सशक्त बन चुकी हैं। वह सभी अपनी क्षमताओं को पहचानें। महिलाएं आज बदली सोच के साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त एवं स्वावलम्बी होकर अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान प्रदान कर रही हैं तथा अपनी बेटियों को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि दहेज प्रथा, बाल विवाह को खत्म करने के लिए महिलाएं स्वयं आगे आएं। केन्द्र व प्रदेश सरकार महिलाओं की संवेदना को समझते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिला कल्याण को प्रोत्साहित कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन शक्ति’ के तृतीय चरण के शुभारम्भ के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को एक नई दिशा देने का कार्य किया है। उनके मार्गदर्शन में देश की आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व उनके स्वावलम्बन के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, जनधन योजना तथा मुद्रा योजना द्वारा ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग एवं बीमा व्यवस्था से जोड़ा गया है। इसके अलावा, नारी गरिमा व उनके उत्तम स्वास्थ्य हेतु आवास सहित शौचालय की सुविधा प्रदान की गई है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना द्वारा 19,662 महिलाओं को घर की मुखिया बनाया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में यदि मातृ शक्ति सुरक्षित महसूस करती है, तो पूरा समाज सुरक्षित होता है। मातृ शक्ति का सम्मान होता है, तो समाज भी स्वयं को सम्मानित पाता है। यदि मातृ शक्ति स्वावलम्बी बनती है, तो समाज के साथ-साथ राज्य एवं राष्ट्र भी स्वावलम्बी व सशक्त बनता है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत स्थिति में पहुँचाया है तथा प्रदेश से असुरक्षा के भाव को खत्म किया है। प्रदेश सरकार स्त्रियों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए प्रारम्भ से ही प्रतिबद्ध और संवेदलनशील रही है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति के प्रथम व द्वितीय चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो चुके हैं। राज्य के गृह विभाग, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग व अन्य विभागों के अन्तर्समन्वय के माध्यम से मिशन शक्ति कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश को समर्थ व स्वावलम्बी बनाने के लिए नारी सशक्तीकरण का यह तृतीय चरण प्रारम्भ किया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जनपदों में बड़ी संख्या में व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं। इसी क्रम में, मिशन मोड पर कार्य करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु एक व्यापक कार्ययोजना के तहत कार्य किया जा रहा है।
 
इसके अन्तर्गत ‘मिशन शक्ति’ के प्रथम एवं द्वितीय चरण का संचालन किया गया। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के स्तर में वृद्धि करने तथा उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2019 में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ प्रारम्भ की। इसके तहत कन्या केे जन्म से लेकर स्नातक में प्रवेश लेने तक राज्य सरकार द्वारा 6 किस्तों में 15 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक 7.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित की जा चुकी हैं। आज इस कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ की नवीन लाभार्थी लगभग 1.55 लाख बालिकाओं के खातों में कुल 30.12 करोड़ रुपए की धनराशि प्रेषित की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन-धन खातों को संचालित करने के लिए लोगों को बैंकों में जाना पड़ता है। राज्य सरकार ने तय किया है कि 58,000 ग्राम पंचायतों में किसी बालिका या महिला को बी0सी0 सखी के रूप में तैनात करके बैंकिंग कार्य एवं सुविधाएं गांव में ही सुलभ करायी जाएं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 15 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराने एवं पुष्टाहार वितरण कार्यक्रम से महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में 01 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में बुन्देलखण्ड (झांसी) की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर स्वयं सहायता समूह के कार्य जग-जाहिर हैं, जिसने विगत वर्ष 02 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत पूर्वांचल के 05 जनपदों-सोनभद्र, चन्दौली, मीरजापुर, बलिया एवं गाजीपुर के लिए बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी की तर्ज पर मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी गठित करने के लिए भारत सरकार द्वारा 35 करोड़ रु0 की परियोजना स्वीकृत की गई है। जनपद झाँसी तथा महोबा में दलहन व मूंगफली मूल्य श्रृंखला हेतु झलकारी बाई महिला किसान प्रोड्यूसर कम्पनी का गठन किया गया है। इसके माध्यम से 17,406 महिला किसान लाभान्वित होंगी। इस परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा 16 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। जनपद बदायूं में धान, गेहूं एवं मेंथा की मूल्य श्रृंखला हेतु बदायंुनी महिला किसान प्रोड्यूसर कम्पनी का गठन किया गया है, जिसमें 14,275 महिलाएं लाभान्वित होंगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 18 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जरी-जरदोजी हस्तशिल्प के लिए जनपद बदायूं में महिला कारीगरों के विकास के लिए हस्तशिल्प उत्पादन कम्पनी का गठन किया जा रहा है, जिससे हस्तशिल्प कारीगरों को उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करते हुए बाजार से जुड़ने में मदद मिलेगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 07 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है।
 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शान्तिपूर्ण, सुरक्षित व सकुशल तरीके से सम्पन्न पंचायत चुनावों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। इन चुनावों में महिलाएं 54 प्रतिशत प्रधान, 56 प्रतिशत जिला पंचायत अध्यक्ष एवं 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना कालखण्ड के दौरान कोरोना वॉरियर्स, हेल्थवर्कर्स तथा निगरानी समितियों ने 24 करोड़ लोगों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। सभी के सहयोग से आज प्रदेश में कोरोना नियंत्रित है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश में 02 स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध हैं। पूरे देश में वृहद पैमाने पर कोविड टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक कोविड टीकाकरण व कोविड टेस्ट करने वाला राज्य है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने डेढ़ लाख नौजवानों को पुलिस में भर्ती किया है, जिसमें 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं सम्बन्धी अपराधों पर अंकुश लगाने एवं पीड़िताओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्या पर प्रभावी कार्यवाही के लिए 10 हजार से अधिक महिला बीट गठित की गयी हैं, जिसमें महिला पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की नियुक्ति की गई है। आज इस व्यवस्था का ई-शुभारम्भ भी किया जा रहा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समर्थ एवं सक्षम महिला पुलिस कर्मियों को फील्की ड्यूटी प्रदान की जा रही है, ताकि वह पुरुषों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य कर सकें। ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायतीराज विभाग द्वारा इन महिला पुलिस बीट अधिकारियों के बैठने के लिए व्यवस्था की गई है, जहां वह महिला मुद्दों के सन्दर्भ में कार्यवाही सम्पन्न कर सकेंगी। उन्हांेने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लखनऊ, गोरखपुर व बदांयू में 03 महिला पी0ए0सी0 बटालियन गठित की जा रही हैं। आज जनपद बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई महिला पी0ए0सी0 बटालियन के प्रागंण का शिलान्यास किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति के पहले व दूसरे चरण में 1,537 से अधिक थानों व 350 तहसीलों में महिला पुलिस बूथ स्थापित किए गए हैं, जिसमें महिला समस्याओं की सुनवायी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप महिलाओं को सुरक्षित व भयमुक्त वातावरण के साथ, उन्हें सम्मान व विकास की प्रक्रिया से जोड़कर स्वावलम्बी बनाया जा रहा है। इसके लिए मिशन शक्ति के तृतीय चरण का प्रारम्भ किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 लाख 58 हजार से अधिक बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में पेयजल व पृथक शौचालय की व्यवस्था की गई है। साथ ही, माध्यमिक शिक्षा विभाग में शक्ति मंचों व उच्च शिक्षा विभाग में महिला हेल्थ क्लबों की स्थापना की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य व सुरक्षा के उद्देश्य को प्राप्त किया जाएगा। उन्होंने महिलाओं व बहनों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के सहयोग से मिशन शक्ति अभियान नारी गरिमा, नारी सुरक्षा व नारी स्वावलम्बन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।  
 
इससे पूर्व, कार्यक्रम को महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, अपोलो हॉस्पिटल की संयुक्त निदेशक श्रीमती संगीता रेड्डी ने भी सम्बोधित किया। अपर महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन सुश्री नीरा रावत ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्यपाल जी, मुख्यमंत्री जी तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री जी द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
 
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा, वित्त, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विमला बाथम, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थ, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम0एस0एम0ई0 नवनीत सहगल, पुलिस महानिदेशक ममुकुल गोयल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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