नुकसान की कीमत न देना इंश्योरेंस कंपनी को पड़ा भारी!

संभल। अधिवक्ता को हुए नुकसान की कीमत न देना इंश्योरेंस कंपनी को भारी पड़ा। इस संबंध मे जिला उपभोक्ता आयोग ने अपना फैसला सुनाया. चंदौसी निवासी गौरव शर्मा एडवोकेट जो चंदौसी न्यायालय में विधि व्यवसाय करते हैं। 7 फरवरी 2019 को जब गौरव शर्मा घर से कचहरी जाने के लिए तैयार हो रहे थे तभी उनकी रसोई में रसोई गैस सिलेंडर से आग की घटना घटित हुई जिससे उनके फर्नीचर रसोई का सामान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा घरेलू उपकरण आदि जलकर राख हो गए जिस को बुझाने में गौरव शर्मा भी घायल हुए थे.

उक्त घटना की सूचना फायर बिग्रेड व कोतवाली चंदौसी एवं सीएल गैस एजेंसी चंदौसी को दी जिस पर भारत गैस सर्विस के द्वारा घटना की सच्चाई जानने के लिए सर्वेयर को नियुक्त किया तो सर्वेयर ने अपने घर बैठे ही क्षति का आकलन मात्र ₹98000 कर अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर दी जिसको विरोध करते हुए गौरव शर्मा एडवोकेट ने अपने अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग संभल में अपनी शिकायत दर्ज करायी आयोग ने दोनों पक्षों को तलब किया और तलब करने पर भारत गैस एजेंसी वालों ने इंश्योरेंस कंपनी से अपना इंश्योरेंस होना बताया।

इस पर आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को भी तलब किया तब गौरव शर्मा के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने आयोग को बताया कि इंश्योरेंस कम्पनी द्वारा अपने घर बैठे ही क्षति का आकलन कर रिपोर्ट को पूरा कर लिया गया था और गौरव शर्मा के हुए नुकसान की भरपाई का आकलन सही तरीके से नहीं किया गया दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आयोग के अध्यक्ष श्री राम अचल यादव व सदस्य आशुतोष ने अपना निर्णय सुनाते हुए भारत गैस कम्पनी के इंश्योरेंस कंपनी को आदेशित किया कि वह परवादी को 484732 रुपए मुकदमा संस्थान की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 9% ब्याज सहित अदा करें तथा ₹20000 की क्षतिपूर्ति भी परिवादी को दो माह में अदा करें।

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