किसान आंदोलन : 9 अगस्त को देशव्यापी आह्वान पर मुरैना जिले में तहसीलों पर किया जाएंगा सत्याग्रह

किसान आंदोलन : 9 अगस्त को देशव्यापी आह्वान पर मुरैना जिले में तहसीलों पर किया जाएंगा सत्याग्रह

कैलारस (DVNA)। देशव्यापी किसान आंदोलन ने एक नया इतिहास रच दिया है। आठ माह से ज्यादा समय बीत गया है। दिल्ली के पांचों बॉर्डर्स पर तीनों कृषि विरोधी काले कानूनों को वापस लेने के लिए सर्दी, गर्मी, बरसात के चलते हुए लगातार शांतिपूर्ण रूप से लाखों किसान आंदोलन कर रहे हैैं। इस आंदोलन में 600 से ज्यादा किसान शहीद हो गए हैं। उसके बाद भी कारपोरेट की भक्ति में लीन मोदी सरकार तानाशाही पूर्ण रुख अपनाए हुए हैं। किसानों की सुनने के लिए तैयार नहीं है।
इसके विरोध में 22 जुलाई से 8 अगस्त तक लगातार संसद पर 200 किसानों का जत्था प्रतिदिन सिंघु बॉर्डर से संसद पहुंचकर किसान संसद का आयोजन कर रहा है। इसमें भाग लेने के लिए मध्य प्रदेश का जत्था 5 अगस्त को दिल्ली पहुंच रहा है। इसके अलावा आंदोलन का संचालन कर रहे 500 किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चे की ओर से 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी पर भारत बचाओ दिवस मनाने और देश भर में सभी किसान, श्रमिक, छात्र, युवा, महिला संगठनों की ओर से व्यापक आंदोलन करने का आह्वान किया गया है। यह जानकारी प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक तिवारी तथा वरिष्ठ किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने दी है।
नेता द्वय के अनुसार इसी अनुक्रम में सप्ताह भर का व्यापक अभियान ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में चलाया जाएगा। जिसमें तीनों कृषि कानूनों की वापसी के साथ-साथ बिजली के निजीकरण का बिल जो संसद में लंबित है उसे भी वापस लेने की मांग की जाएगी। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल खरीदी अनिवार्य करने का कानून बनाने की भी मांग की जाएगी। इसके अलावा श्रमिकों, नौजवानों, छात्रों महिलाओं से संबंधित मांगे भी रखी जाएंगी। खास कर के बेरोजगारों को काम देने, श्रमिकों को बंधुआ मजदूर बनाने वाली 4 संहिताओं को वापस लेने, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने संबंधी मांगे भी उठाई जाएंगी।
9 अगस्त को मुरैना जिले में तहसील स्तरों पर व्यापक लामबंदी के साथ सत्याग्रह किए जाएंगे। जिसमें जनता की स्थानीय समस्याओं पेयजल, बिजली, सड़क, रोजगार आदि के निराकरण की मांग भी की जाएगी। इस संबंध में तैयारियां शुरू की जा चुकी है। किसान नेताओं ने किसानों तथा जनता के सभी तबकों से भारत बचाओ अभियान में भागीदारी करने की अपील की है।

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