भगवान श्रीकृष्ण 125 वर्ष, आठ महीने और सात दिन रहे पृथ्वीलोक पर

मुरादाबाद। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन का एक भी क्षण ऐसा नहीं था जब वह शांति से रहे। हर मोड़ पर उनके सामने चुनौतियां ही चुनौतियां थी। उन्होंने जिम्मेदारी की भावना के साथ सब कुछ और सभी का सामना किया। भगवान श्रीकृष्ण अतीत और भविष्य को जानते थे। कौरव-पांडव युद्ध के दौरान अर्जुन को दिए गए उपदेश गीता के रूप में भले ही जाने जाते हो लेकिन आज भी यह कर्म करे जा फल की इच्छा न कर…के संदेश के साथ देश-दुनिया का मार्गदर्शन करते हैं भगवान श्रीकृष्ण। 

कृष्ण का जन्म -5252 वर्ष पूर्व
जन्म – 18 जुलाई,3228 ई.पू.
मास – श्रवण
दिन – अष्टमी
नक्षत्र- रोहिणी
दिन- बुधवार
समय : 00:00 पूर्वाह्न
श्रीकृष्ण -125 वर्ष, 08 महीने और 07 दिन जीवित रहे।
मृत्यु- 18 फरवरी 3102बीसी
जब श्रीकृष्ण ८९ वर्ष के थे, महायुद्ध (कुरुक्षेत्र युद्ध)हुआ।
कुरुक्षेत्र युद्ध के ३६ साल बाद उनकी मृत्यु हो गई।
कुरुक्षेत्र युद्ध मृगशिरा शुक्ल एकादशी, ईसा पूर्व 3139 पर शुरू हुआ था। यानी 8 दिसंबर 3139बीसी” और “25 दिसंबर, 3139बीसी” को समाप्त हुआ।
जैविक पिता- वासुदेव
जैविक माता- देवकी
दत्तक पिता-नंदा
दत्तक माता-यशोदा
बड़े भाई- बलराम बहन-सुभद्रा
जन्म स्थान- मथुरा

Post a Comment

0 Comments