लग गई सावन की झड़ी, पिछले तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश

महासमुंद। सावन के दूसरे दिन से जो बारिश शुरू हुई है, वो अभी रुकी नहीं है। थम-थम कर रिमझिंम फुव्वारे के साथ बरस रही है। सावन की शुरूआत झड़ी से हो गई है। ये रिमझिम बारिश आने वाले तीन-चार दिनों तक ऐसा ही रहेगा। हालांकि इस बारिश से तापमान में गिरावट आई है।

किसानों के चेहरे खिल उठे है, लेकिन जलाशयों को जरा भी फर्क नहीं पड़ा है। वृहद जलाशय व मध्यम जलाशय में मात्र एक फीट ही जल स्तर बढ़ा है। वहीं 76 जलाशय ऐसे है, जो अभी तक 25 प्रतिशत तक नहीं भर पाए हैं। 25 से 50 प्रतिशत तक 15 व 50 से 75 प्रतिशत तक भरे केवल 8 जलाशय ही हैं। वर्तमान में कोडार जलाशय में 13.20 फीट पानी है। वहीं मध्यम जलाशय केशवा में 15.20 फीट पानी है। इस साल कैच मैंट एरिया में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण जलाशयों की स्थिति खराब है। इधर, मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र तटीय बांग्लादेश तथा उससे लगे पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक स्थित है। मानसून द्रोणिका फिरोजपुर,   हिसार, मेरठ,  हरदोई,  सुल्तानपुर, नालंदा, बोकारो और निम्न दाब के केंद्र तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में आज 29 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी तथा एक दो स्थानों पर अति भारी वर्षा भी होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यत: मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है। इधर, लगातार रिमझिम बारिश से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आ गई है। बता दें कि जिले में सावन के दूसरे दिन यानी 26 जुलाई से बारिश शुरू हुई है, जो अभी तक जारी है। रिमझिम फुव्वारे के साथ बारिश देर रात तक हो रही थी।

...इसलिए नहीं भर पाया जलाशय 
जिले में एक जून से 28 जुलाई तक 451.6 मिमी बारिश हुई है। पिछले साल 651.6 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 200.2 मिमी बारिश कम हुई है। इसी के चलते इस बार जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं भर पाया है। बता दें कि 2020 में अच्छी बारिश किे चलते 75 प्रतिशत से अधिक कोडार में पानी भर गया है। अगस्त माह में कोडार जलाशय ओवरफ्लो हो गया था, लेकिन इस साल बारिश को देखकर लग रहा है कि कोडार शायद ही 75 प्रतिशत तक भर पाएगा। अभी कोडार 25 प्रतिशत तक ही भरा है।  आज महासमुंद में 15.6, बसना में 15.0, सरायपाली में 8.4, पिथौरा में 7.6 एवं बागबाहरा में 5.3 मिमी बारिश हुई है।   

झड़ी लगने से किसानों के चेहरे खिले 
तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बारिश को अंचल के किसान फसल के लिए जीवनदायिनी मान रहे हैं। किसानों ने बताया कि ऐसी बारिश का ही इंतजार था। बारिश के साथ अब बियासी, रोपाई, निंदाई के कार्य में तेजी के साथ होगा। बारिश के चलते किसान सुबह से कृषि कार्य में व्यस्त है। यह व्यस्तता अगामी दिनों तक रहेगी। बताया जा रहा है कि 15 अगस्त तक रोपाई का काम चलेगा। बारिश इसी तरह रही तो किसानों का काम भी जल्द होगा। 

लगातार बारिश से पसरा सन्नाटा 
तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। कई लोग घर व दफ्तरों में दुबके रहे। वहीं आवश्यक काम वाले सड़क पर छाता व रेनकोट पहनकर आना जाना करते रहें। मौसमी में तेजी के साथ हो रहे बदलाव के साथ ही दिनभर आसान में बदली का आम रहा। बारिश के चलते छोटे बढ़े गड्?ढे, मैदान व खेतों में बारिश का पानी जमा हो गया है। झड़ी से फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों की परेशानी बढ़ गई है। कई व्यवसायियों ने मौसम के कारण अपनी दुकान तक नहीं खोली है। 

किसानों के लिए वरदान साबित: एक्सपर्ट 
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि किसानों को इसी तरह की बारिश का इंतजार था। ऐसी बारिश नहीं होने के कारण रोपाई का काम पिछड़ रहा था। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। सावन लगते ही झड़ी ने किसानों को खुश कर दिया। अब किसान रोपाई काम में व्यस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त तक रोपाई का काम पूरा हो जाएगा। 

कोडार का पिछले पांच साल के जलभराव की स्थिति 

वर्ष        फीट       प्रतिशत
2017         15           30.46
2018        12.50         23.29
2019        10.50        18.12
2020        23..30         61.12         
2021        13.20        25.22

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