जिंदा तो है लेकिन साबित नहीं कर पाई, पेंशन बंद

जिंदा तो है लेकिन साबित नहीं कर पाई, पेंशन बंद

शिवपुरी (DVNA)। शिवपुरी नगर पालिका में लापरवाही का एक मामला सामने आया है यहां एक 80 वर्षीय वृद्ध महिला गोना बाई को नौ साल पहले बिना किसी साक्ष्य और जांच पड़ताल के ही दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया। इससे उसकी विधवा पेंशन बंद हो गई है। तब से अब तक वृद्धा गोना बाई खुद को जीवित बताने के लिए नगर पालिका के चक्कर लगा रही है, लेकिन सुनवाई नहीं हो पा रही है।
पहले पति और फिर बेटे की भी मौत हो जाने के बाद गोना बाई अपनी बेटी के आसरे जीवन काट रही है। गोना की एक सड़क हादसे में कमर टूट चुकी है और वह झुककर चलती है, इसके बावजूद से भी भीख मांगना मंजूर नहीं है। यही कारण है कि उसने चैकसे के मंदिर पर सेवा करना शुरू कर दिया। इस सेवा के एवज में उसे मंदिर प्रबंधन द्वारा हर माह बतौर मदद 1500 रुपए दिए जाते हैं ताकि वह अपना पेट पाल सकें। अब वृद्ध महिला सिद्धेश्वर क्षेत्र में अपनी विधवा बेटी बंसती के साथ रहकर इन्हीं पैसों से गुजर बसर कर रही है। करोंदी कालोनी निवासी 80 वर्षीय गोना बाई के पति बालकिशन कुशवाह का निधन कई साल साल पहले हो गया था इसलिए गौना बाई को नपा से विधवा पेंशन मिलती थी। यह पेंशन वर्ष 2012 तक उसके खाते में आई। इसके बाद उसके इकलौते बेटे की भी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद कुछ दिन तक तो बहू ने उसे अपने साथ रखा, लेकिन अब गोनाक ी बेटी बसंती अनुराग (अनराय) को राखी बांधने मायके गई तो बहू ने बसंती को राखी की विदाई में सास दे दी। तभी से गोना अपनी बेटी बसंती के साथ रह रही है। जब गोना के खाते में पेंशन आना बंद हो गई तो उसने नपा अफसरों से संपर्क किया। तब पता चला कि तुम तो मर चुकी हो, इसलिए पेंशन बंद कर दी गई है। तभी से गोना अफसरों के सामने अपने को जिंदा साबित करने में लगी है कि वह मरी नहीं है, जिंदा है।

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