उत्तरकाशी मांडो गांव में बादल फटने से आई आफत, एक बच्ची समेत 3 की मौत

देहरादून। उत्तराखंड के कई इलाकों में भी भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। उत्तरकाशी में भी बीती देर रात बादल फटने से इलाके के कई गांवों में पानी भर गया। बादल फटने से भागीरथी नदी समेत लोकल गाड़-गदेरे उफान पर आ गए और बाढ़ की स्थिति बन गई। बादल फटने से गांव मांडो, निराकोट, पनवाड़ी और कंकराड़ी के घरों में पानी भर गया। इस दुर्घटना में 3 लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग मलबे में फंसकर घायल हो गए।

आपदा प्रबंधन की टीम ने दो महिलाएं और एक बच्ची का शव बरामद कर लिया है। जिनकी शिनाख्त माधरी देवी (42 वर्ष), रीतू (38 वर्ष) और कुमारी ईशु (6 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हादसे में 2 महिलाओं समेत 2 लोग लापता हो गए हैं। गांव के लोगों को मदद मुहैया करवाने के उद्देश्य से प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने गणेश बहादुर पुत्र काली बहादुर, रविन्द्र पुत्र गणेश बहादुर, रामबालक यादव पुत्र मकुर यादव को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया। घायलों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार तीनों खतरे से बाहर हैं। जानकारी के अनुसार, मांडो गांव में नौ मकानों में पानी घुस गया। जबकि दो मकान पूरी तरह से धवस्त हो गए हैं। कई जगहों पर वाहनों के बहने की भी सूचना है। 

वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने डीएम को राहत और बचाव कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी जैसे जिलों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार है। मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

केंद्रीय जल आयोग के केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष हिमालयन गंगा डिवीजन की ओर से दिए गए आंकड़े के मुताबिक राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर रविवार को 337.89 मीटर पहुंच गया। ऐसे में गंगा खतरे के निशान 340.50 मीटर से थोड़ा नीचे ही बह रही हैं। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक डाकपत्थर में यमुना नदी का जलस्तर 455.03 मीटर पर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से सिर्फ 34 सेंटीमीटर कम है।

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