Thursday, 10 June 2021

गजब कहानी : एससी प्रमाणपत्र से डीडीसी बनी क्षत्रिय महिला!

बांदा। जिला पंचायत सदस्य वार्ड-14 का मुद्दा न्यायालय पहुंच गया है। ऑनलाइन दायर याचिका में विजयी उम्मीदवार पर महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने के आरोप हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित थी, जबकि विजयी महिला क्षत्रिय है। मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई के बाद जनपद न्यायाधीश ने अगली तिथि 25 जून तिथि नियत की है।
वाद दायर करने वाले राजाभइया वर्मा के अधिवक्ता सैय्यद अली मंजर ने बताया कि वार्ड-14 से डीडीसी पद पर विजयी उम्मीदवार के निर्वाचन को शून्य घोषित करने के लिए ऑनलाइन याचिका दायर की थी। जिला जज ने इसकी सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर कर दी है।
अधिवक्ता ने बताया कि याचिका में कहा है कि बीला दक्षिण (महोबा) निवासी प्रताप सिंह की पुत्री रेखा देवी के स्कूली अभिलेख में जाति क्षत्रिय दर्शाई गई है। महोखर (बांदा) गांव के दिलीप सिंह की वह पत्नी हैं। सामान्य जाति क्षत्रिय होने के बाद भी रेखा देवी ने तथ्य छिपाकर स्वयं को अनुसूचित जाति (बेड़िया) दर्शाकर चुनाव लड़ा है, जबकि जाति का निर्धारण पिता/पति की जाति से होता है। निर्वाचन में तथ्य छिपाने का यह गंभीर मुद्दा है।
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि पूर्व में भी एक चुनाव याचिका (संख्या-2, सन 10) में 31 जनवरी 2012 को न्यायालय प्रथम जज ने अनुसूचित जाति का जारी प्रमाण पत्र गलत माना था।
वह अपने को अनुसूचित जाति का होना सिद्ध नहीं कर सकी थीं। अधिवक्ता ने कहा कि गलत प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ना गंभीर श्रेणी की अनियमितता है। उन्होंने इस प्रकरण पर न्यायालय से न्याय की उम्मीद जताई है।

विनोद मिश्रा

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