आर्थिक सहयोग प्रदान करना उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य: डॉ. विशेष गुप्ता

मुरादाबाद। उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने सर्किट हाउस में मुरादाबाद मंडल के आच्छादित जनपदों में उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति एवं बाल संरक्षण से जुडी योजनाओं की समीक्षा करते हुये जमीनी स्तर पर योजनाओं को उतारकर पात्रों को लाभान्वित करने तथा योजना का संदेश नीचे तक पहुंचाने के निर्देश दिये।

उप्र राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों के पुर्नवास एवं संरक्षण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है, विगत एक वर्ष से देश-प्रदेश में कोविड-19 महामारी का प्रकोप लगातार बना हुआ है। उक्त में जोखिम में आने वाले ऐसे सभी बच्चों जिनके माता-पिता अथवा दोनों की कोविड-19 महामारी के संक्रमण /प्रभाव से मृत्यु हो गयी है तथा इन बच्चों के कोई करीबी अभिभावक न हो अथवा होने के बाद भी वह उन्हें अपनाना न चाहें या अपनाने में सक्षम न हो, के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करना उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य है।
डाॅ. विशेष गुप्ता ने मण्डलीय समीक्षा के दौरान मण्डल के जिला प्रोबेशन अधिकारियों से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अन्र्तगत जनपद में चिन्हित बच्चों की सूची फार्म भरवाने, खाता खोलने संबंधी कार्यो के संबंध में विस्तार से जानकारी लेते हुये फार्म की समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कराकर शीघ्रता से शासन को आवेदन भेजने के निर्देश दिये हैं, ताकि सरकार द्वारा संचालित की गयी उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना से लाभान्वित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अनाथ बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र एवं आय प्रमाण-पत्र को तत्काल जारी किया जाये इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता एवं कोताही न बरती जाये। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी मुरादाबाद से कोरोना की तीसरी लहर की आंशका के मद्देनजर की गयी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेते हुये निर्देश दिये कि हमारी तैयारी अग्रणी रहे ताकि बच्चों को इसका लाभ मिल सके।
अध्यक्ष ने डीएलसी, डीआईओएस, बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार आदि विभागों को उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना में अपेक्षित सहयोग देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने डीएलसी से बाल श्रमिकों के संबंध में जानकारी लेते हुये कहा कि जो बच्चें पकडे जाते हैं उनका पुर्नवास भी हो और ऐसे बच्चों की सूची भी उपलब्ध करायें। श्रम विभाग द्वारा पकडे़ गये बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाये। कोविड के बाद शराब की दुकाने खुलने के दौरान शराब की दुकानों पर बच्चें काम करते पाये जाने और नाबालिग बच्चों द्वारा शराब खरीदें जाने पर विशेष फोकस करते हुये आबकारी अधिकारी को इस पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से कोविड-19 संक्रमण से हुई शिक्षकों की मृत्यु के संबंध में फीडबैक लेते हुये तत्काल सूची शासन को भेजने के निर्देश दिये हैं, ताकि योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने डीआईओएस को निर्देश दिये कि एक टीम बनाये और पीड़ित परिवार के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त करें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मुरादाबाद ने बताया कि जनपद में 62 बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिसमें 04 अनाथ हैं, 07 एकल है जिसमें 48 का फार्म भरवा दिया गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी बिजनौर ने बताया कि 45 बच्चे चिन्हित किए गये जिनमें 24 बच्चें एकल है, 01 अनाथ है, 27 का सत्यापन हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी सम्भल ने बताया कि 43 बच्चे चिन्हित किए गये है, जिसमें 39 एकल हैं, 04 अनाथ हैं तथा 29 आवेदन शासन को भेजने हेतु तैयार हैं। जनपद अमरोहा में बताया कि 15 बच्चें चिन्हित किए गये हैं, जिसमें 11 बच्चों के पेपर कम्पलीट हैं, 04 बच्चों के प्रमाण पत्रों की कमी है। जनपद रामपुर ने बताया कि 30 बच्चें चिन्हित कर लिये गये हैं जिसमें 24 बच्चें एकल हैं तथा 06 अनाथ हैं। उन्होेंने मिलने वाले आवेदनों पर समयबद्धता से नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू ने बैठक में कहा कि जो लोग कोविड से प्रभावित थे, किन्तु अस्पताल तक पहुंचने से पूर्व ही उनकी मृत्यु हो गयी उनकी कोविड संबंधी कोई जांच भी नही हो सकी, ऐसे परिवार के बच्चों को भी योजना का लाभ दिये जाने की व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इसके लिए साक्ष्य उपलब्ध कराये जायें उनका परीक्षण कर लिया जायेगा। महानगर अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि जिनकी जांच नही हो सकी और कोविड के चलते मृत्यु हो गयी है ऐसे परिवारों को भी चिन्हित किया जाये ताकि योजना का लाभ मिल सके।
उन्होंने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जिसमें कोविड-19 के कारण अनाथ बच्चों के चिन्हाकंन, समस्त उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारियों को आवेदन पत्रों के सत्यापन के संबंध में, कोविड-19 के कारण अनाथ बच्चों के माता/पिता/संरक्षक के कोविड-19 से मृत्यु होने के साक्ष्य तथा आवेदकों के आय प्रमाण पत्र शीघ्रता से जारी करने के निर्देश दिये गये।

अध्यक्ष ने बताया कि 0 से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चें जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गयी हों या जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु 01 मार्च 2020 से पूर्व हो गयी थी तथा दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गयी हो या जिनके माता व पिता दोनों की मृत्यु 01 मार्च 2021 से पूर्व हो गयी थी तथा उनके वैध संरक्षक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गयी हो, वह सभी इस योजनान्तर्गत पात्रता की श्रेणी में आयेंगे।
बैठक में बताया गया कि 0 से 18 वर्ष की उम्र तक के ऐसे सभी बच्चों को भी शामिल किया जायेगा जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया हो तथा वर्तमान में जीवित माता या पिता सहित परिवार की आय 2 लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक न हो।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 से मृत्यु के साक्ष्य के लिये एंटीजन या आरटीपीसीआर या सी0टी0 स्कैन में कोविड-19 का इंफेक्शन होना माना जा सकता है। कोविड-19 का पेंशेन्ट कतिपय परिस्थितियों में टेस्ट में निगेटिव आने के बाद भी पोस्ट कोविड काॅम्पलीकेशन से उसकी मृत्यु हो सकती है। यह मृत्यु भी कोविड-19 की बजह से मानी जाएगी।
बैठक में विधायक कांठ राजेश कुमार सिंह चुन्नू, जिलाध्यक्ष भाजपा राजपाल सिंह चैहान, महानगर अध्यक्ष धर्मेेन्द्रनाथ मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन बिजनौर, मुख्य चिकित्साधिकारी मुरादाबाद, उप श्रमायुक्त, उप निदेशक प्रोबेशन, जिला प्रोबेशन अधिकारी मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुरादाबाद, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सीडब्ल्यूसी मेम्बर, सीडीपीओ, ड्रग इंस्पेक्टर आदि उपस्थित रहे।

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