प्रसपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक सम्पन्न, 2022 के चुनाव में जुटने का आह्वान

लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की प्रदेश कार्यसमिति की एक दिवसीय बैठक बुधवार को राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे हमले करने के साथ ही वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के आह्वान के साथ संपन्न हो गई।

प्रसपा प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक शिवपाल की अध्यक्षता में शुरू हुई। बैठक में सामाजिक आर्थिक प्रस्ताव पर गहन मंथन हुआ व देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। शिवपाल ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के 2022 में होने वाले चुनाव के लिए अभी से जुटने और प्रसपा के प्रभावी नेतृत्व वाली सरकार बनाने का आह्वान किया। 

शिवपाल ने समान विचार के दलों की एकजुटता का आह्वान किया है।  शिवपाल यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गांव, गरीब, किसान, पिछड़े, दलित, व्यवसायी, मध्यवर्ग और युवाओं को सिर्फ छला है। सरकार शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, रोजगार और इलाज उपलब्ध करा पाने में पूर्णतया नाकामयाब रही है।

शिवपाल ने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन पिछले तीन साल में करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छिन गयी। जब अप्रैल 2020 में भारत में कोरोना महामारी की पहली मार पड़ी थी, तो लगभग 12.6 करोड़ लोगों की नौकरियां गईं। इसमें लगभग 9 करोड़ लोग ऐसे थे जो दिहाड़ी मजदूर थे। नौकरी गंवाने वाले सभी 12.6 करोड़ लोग दोबारा काम पर लौटे भी नहीं। जो लौटे उसमें से भी कुछ ऐसे रह गए जिन्हें काम नहीं मिल पाया। सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनमी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कोरोना के कहर के बीच बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ी है। जीवन और रोजगार के हाहाकार के बीच सरकारों के पास राहत के लिए फिलहाल कोई तात्कालिक नीति नजर नहीं आती। सीएमआईई के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक इस साल अप्रैल 2021 में कोरोना की द्वितीय लहर के मध्य 75 लाख लोगों की नौकरी चली गई है। विगत 45 वर्षों में बेरोजगारी दर अपने अधिकतम स्तर पर है। 

शिवपाल ने यह भी कहा, सत्ता में भागीदारी होने पर प्रत्येक परिवार के एक बेटे व एक बेटी के लिए सरकारी नौकरी की व्यवस्था की जाएगी। 

इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी ने विभिन्न अवसरों पर जनसंवाद के विभिन्न मंचों व माध्यमों से गरीबों, किसानों, बुनकरों, बेरोजगारों, अल्पसंख्यकों व महिलाओं की समस्याओं, व्यथा, वेदना, वंचना को स्वर देने के लिए शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया। 
 
करीब साढ़े चार घंटे चली बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री शादाब फातिमा, पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया, पूर्व मंत्री जय प्रकाश, राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव,  प्रदेश अध्यक्ष सुंदर लाल लोधी, पूर्व सांसद व प्रदेश उपाध्यक्ष रघुराज सिंह शाक्य, प्रदेश उपाध्यक्ष डा० रक्षपाल, प्रसपा के प्रदेश प्रमुख महासचिव व पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल यादव, मुख्य प्रवक्ता दीपक मिश्र, प्रदेश महासचिव अभिषेक सिंह 'आशु' वरिष्ठ समाजवादी नेता रिक्षपाल चौधरी व विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने उद्बोधन दिया।

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