Saturday, 22 May 2021

मरीजों को दवाई, ऑक्सीजन, बेड तथा एम्बुलेंस की कमी न होने पाए: CM योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए लखनऊ मण्डल में किए जा रहे कार्यों और इस संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। अतः इनको और अधिक प्रभावी बनाया जाए। मरीजों को दवाई, ऑक्सीजन, बेड तथा एम्बुलेंस की कमी न होने पाए। सभी अस्पतालों में सभी उपकरण क्रियाशील स्थिति में रहें। समीक्षा बैठक में लखनऊ मण्डल के जनपदों के अन्य अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा जनपद के नोडल अधिकारी से प्रत्येक जनपद में की जा रही टेस्टिंग, काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग, एम्बुलेंस की व्यवस्था, संक्रमित/संदिग्ध मरीजों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था, निगरानी समितियों के कार्य-कलापों, अस्पतालों में मौजूद वेंटिलेटर्स तथा ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स की क्रियाशीलता, ऑक्सीजन की उपलब्धता इत्यादि के विषय में सीधे जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने संक्रमित/संदिग्ध कोरोना मरीजों को निगरानी समितियों द्वारा फौरन मेडिकल किट उपलब्ध कराकर उनका तत्काल उपचार शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में निगरानी समिति द्वारा कोविड संक्रमित/संदिग्ध मरीजों को वितरित की गयी मेडिसिन किट की सूची आई0सी0सी0सी0 को उपलब्ध करायी जाए। साथ ही, यह सूची जनप्रतिनिधियों को भी दी जाए। उन्होंने सभी जनपदों में आबादी के अनुपात में टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिये।


मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सुबह कोविड चिकित्सालय में तथा शाम को इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) में अनिवार्य रूप से बैठक कर परिस्थिति का आकलन करते हुए उचित निर्णय लेकर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आई0सी0सी0सी0 कोरोना के विरुद्ध जंग में रीढ़ का काम कर रही है। उन्होंने जनता की सुविधा के लिए सभी जनपदों के आई0सी0सी0सी0 में फोन लाइन की संख्या बढ़ाने के  निर्देश दिये। उन्होंने जनपद हरदोई, उन्नाव, सीतापुर तथा रायबरेली के अधिकारियों को लखनऊ की तर्ज पर अपने-अपने जनपदों में आई0सी0सी0सी0 को उच्चीकृत करने के लिए कहा। उन्होंने सभी जनपदों में स्थापित किये जा रहे ऑक्सीजन प्लाण्ट्स की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपदों के अधिकारियों को सांसदों, विधायकों इत्यादि से बात कर अपने-अपने जनपदों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में ऑक्सीजन प्लाण्ट स्थापित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस की बीमारी एक नई चुनौती के रूप में उभरी है। इसके लक्षणों, उपचार इत्यादि के विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। बैठक के दौरान मौजूद उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री श्री आशुतोष टण्डन, महिला कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्री मोहसिन रजा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने भर्ती लोगों के हालचाल पूछने और लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों में कोविड संक्रमण के मामलों में 2.04 लाख केसेज की कमी आयी है। पिछले 24 घण्टे में प्रदेश में 7735 पाॅजिटिव केस ही रिपोर्ट हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी के सम्मिलित प्रयासों से सम्भव हुआ है। उन्होंने सभी जनपदों में निरन्तर टीम भावना से कार्य करते हुए कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने को कहा। प्रदेश में हो रही टेस्टिंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अब तक राज्य में 4.62 करोड़ टेस्ट हुए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मई माह के अन्त तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण पर काफी नियंत्रण किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने टेस्टिंग के माध्यम से मरीजों का पता लगाकर और उन्हें उपचारित कर पाॅजिटिविटी रेट को कम करने के निर्देश दिये। उन्होंने पाॅजिटिव/लक्षणयुक्त मरीजों को होम आइसोलेशन में रखते हुए निगरानी समितियों के माध्यम से तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराकर उनका उपचार शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को रोकने के लिए अगले माह से टीकाकरण के लक्ष्य को तीन गुना किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों के वैक्सीनेशन की तैयारी के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वैक्सीनेशन सेण्टर पर भीड़ न लगे। इन सेण्टर्स पर वेटिंग एरिया और आॅब्जर्वेशन एरिया अलग-अलग स्थापित किये जाएं। वैक्सीनेशन सेण्टर्स पर जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाए। लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण के रजिस्ट्रेशन के लिए काॅमन सर्विस सेण्टर का उपयोग किया जाए। दिव्यांगजन, गरीबों, मजदूरों, महिलाओं तथा ग्रामीणों का निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कराया जाए। इस कार्य में नवनिर्वाचित प्रधानों का सहयोग लिया जाए। साथ ही, टीकाकरण के सम्बन्ध में लोगों को जानकारी देने के लिए काॅल सेण्टर्स स्थापित किये जाएं।
मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 तथा हेल्थ सेण्टर्स पर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में अटैच्ड और प्रतिनियुक्ति पर गये चिकित्सकों को वापस बुलाकर फील्ड में भेजा जाए, ताकि लोगों के उपचार के लिए चिकित्सक उपलब्ध हो सकें। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद पी0एच0सी0, सी0एच0सी0 इत्यादि का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कोरोना की सम्भावित थर्ड वेब के मद्देनजर प्रत्येक जनपद में पीकू की स्थापना के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से जंग में संक्रमित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में संसाधनों की कमी बिल्कुल न होने पाये। उन्होंने ‘102’ एम्बुलेंस को महिलाओं व बच्चों के लिए डेडिकेट करने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके लिए अलग से अस्पताल स्थापित किये जाएं। उन्होंने नाॅन-कोविड अस्पताल स्थापित करते हुए मरीजों को इलाज की सुविधा मुहैया कराने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने लोगों को कोरोना प्रोटोकाॅल के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने सैनिटाइजेशन ड्राइव चलाने के निर्देश दिये। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जल जमाव को रोकने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमन्दों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कहा। ऐसे कोविड संक्रमित मरीज जो घर में नहीं रह सकते उन्हें कम्युनिटी क्वारण्टीन में रखा जाए और उनके रहने-खाने की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल से गरीबों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था शुरू की गयी है। उन्होंने इस कार्य में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इन विकट परिस्थितियों में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति भूखा न रहने पाए। उन्होंने कन्टेनमेंट जोन में सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि इन जोन्स में डोर स्टेप डिलीवरी की सुविधा सुनिश्चित की जाए। शादी-विवाह समारोहों में कोरोना प्रोटोकाॅल का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सब्जी मण्डियों को खुले में लगाया जाए और दो दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी सुनिश्चित की जाए। इन जगहों पर स्वच्छता और सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निजी अस्पतालों, लैब और एम्बुलेंस आॅपरेटरों की मनमानी पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिये। इन सभी की रेट लिस्ट डिस्प्ले की जाए।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के कठवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्थापित कोविड टीकाकरण केन्द्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लाभार्थियों को टीकाकरण प्रमाण पत्र भी वितरित किये। उन्होंने गांव के लोगों से बातचीत की।
बैठक के उपरान्त मुख्यमंत्री ने मीडिया को सम्बोधित कर लखनऊ मण्डल में कोविड संक्रमण की रोकथाम के सम्बन्ध में की जा रही व्यवस्थाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक के दौरान विधायी मंत्री श्री बृजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, जिलाधिकारी लखनऊ श्री अभिषेक प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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