Wednesday, 5 May 2021

यह कैसी आई कोरोना महामारी, सब तरफ लूट ही लूट!

इंदौर। जिला प्रशासन की अनदेखी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से अब जहां देखो जिधर देखो जनता के साथ खुली लूट शुरू हो गई है। कोरोना महामारी में कुछ कालाबाजारी जमकर रुपया मका रहे हैं, यह बात उन अधिकारियेां को भी मालूम है कि इन पर कारवाई करने की बात तो करते हैं। जबकि कई शिकायतें इनके पास पहुंच गई हैं लेकिन यह लिखित में शिकायत मांगते हैं। अब रेमडेसीविर के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर की भी कालाबाजारी हो रही है।

इधर कोरोना संक्रमण में एक ओर जहां लोग जान गंवा रहे हैं, वहीं कुछ लोग भारी मुनाफाखोरी और कालाबाजारी में जुटे हुए हैं। दो महीने पहले तक जो ऑक्सीजन सिलेंडर आठ से दस हजार रुपये में मिल जाता था, वह इसके 55 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। पीथमपुर व सांवेर रो पर कुछ उोग सिलेंडर बनाने का काम कर रहे हैं लेकिन इनमें से अधिकांश ने काम बंद कर दिया है। अब कुछ लोग 30 हजार रुपये जमा करवाकर सिलेंडर किराए से दे रहे हैं। कारीगर की कमी से हो रहे परेशान - सिलेंडर विक्रता रोहन मिश्रा के मुताबिक कारगीर घर जा चुके हैं। इसलिए सिलेंडर नहीं बना पा रहे हैँ। बड़े सिलेंडर 55 से 60 हजार व 32 लीटर के 30 हजार रुपये में बिक रहे हैं।

दो महीने पहले तक बड़े सिलेंडर आठ से दस हजार रुपए में मिल जाते थे। एक दिन का किराया वसूला जा रहा है एक हजार रुपए - शहर में कुछ लोग सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन इसके लिए 30 हजार रुपए तक पिाजिट करने पड़ रहे हैं और रोजाना एक हजार रुपये तक किराया अलग देना पड़ रहा है। दवा बाजार में पलो मीटर चार हजार रुपये तक में मिल रहे हैं। कंसंट्रेटर के दाम भी बढ़ गए हैं। पांच लीटर कंसंटे्रेटर की कीमत करीब 45 हजार रुपये है, लेकिन बाजार में यह 70 से 80 हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं। 

Previous Post
Next Post

post written by:

0 comments: