Thursday, 6 May 2021

कोविड उपचार से संबंधित आपूर्ति राज्यों को प्रभावी ढंग से आवंटित की गई

नई दिल्ली। पिछले कुछ हफ्तों से देश में कोविड-19 के मामलों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल आ गया है। दैनिक मामलों की ऊंची संख्या और बढ़ती हुई मौतों ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह से हिला दिया है। कोविड-19 महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मदद से भारत सरकार अग्रिम मोर्चे पर खड़ी है। इस मुश्किल वक्त में विभिन्न साधनों और उपायों से उनके प्रयासों को मजबूत करने के लिए सभी तरह का समर्थन और सहायता उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मानते हुए, वैश्विक समुदाय ने वैश्विक कोविड-19 महामारी के खिलाफ इस सामूहिक लड़ाई में भारत सरकार के प्रयासों में मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया है। 27 अप्रैल से भारत सरकार को यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, रोमानिया, रूस, यूएई, यूएसए, ताइवान, कुवैत, फ्रांस, थाईलैंड, जर्मनी, उज्बेकिस्तान, बेल्जियम और इटली इत्यादि सहित विभिन्न देशों से कोविड-19 राहत चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों का अंतरराष्ट्रीय दान मिल रहा है। 
27 अप्रैल से 04 मई तक कुल 1764 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर; 1760 ऑक्सीजन सिलेंडर; 07 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स; 450 वेंटिलेटर्स; 1.35 लाख से अधिक रेमेडिसविर शीशियां; 1.20 लाख फेविपिरविर पत्तों को पहुंचाया गया है।
4 मई तक प्राप्त सभी वस्तुओं को राज्यों/ संस्थानों को आवंटित किया गया है और इसका काफी हिस्सा वितरित किया जा चुका है। यह निरंतर जारी रहने वाला काम है।
चिकित्सा और अन्य राहत व सहायता सामग्रियों के प्रभावी वितरण के लिए, भारत को मिलने वाली सहायता सामग्री के आवंटन के लिए भारत सरकार ने एक सरल और व्यवस्थित प्रणाली को लागू किया है। एक मानक संचालन प्रक्रिया को भी बनाया गया है और इसे स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 मई से लागू किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय में एक समर्पित कोऑर्डिनेटिंग सेल भी बनाई गई है, ताकि अनुदान, सहायता और दान के रूप में विदेशों से मिलने वाली कोविड राहत सामग्री को स्वीकार करने और आवंटित करने में तालमेल लाया जा सके। इस सेल ने 26 अप्रैल से काम करना शुरू कर दिया था।
अब तक की पहली किस्त में, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ये सभी राहत चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों को समयबद्ध तरीके से 38 तृतीयक देखभाल संस्थानों और 31 राज्यों को आवंटित कर रहा है। यह काम कुछ शर्तों जैसे सक्रिय मामलों की संख्या, मृत्यु दर, पॉजिटिविटी रेट और जरूरत इत्यादि को ध्यान में रखकर किया जाता है। इससे इन संस्थानों और 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के चिकित्सा के बुनियादी ढांचे की क्षमता बढ़ाने और अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों के त्वरित और प्रभावी उपचार के लिए चिकित्सकीय क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल करते हुए बिना देरी के कार्गो की क्लीयरेंस और वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वितरण और संस्थानों के विस्तार, अगर जरूरत पड़ती है तो, की स्वास्थ्य मंत्रालय नियमित आधार पर निगरानी कर रहा है।

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