बुखार ले रहा लोगों की जान, दो माह में 120 से ज्‍यादा मौतें

संभल। जनपद के चन्दौसी शहर में बुखार लोगों की जान का दुश्‍मन बना हुआ है। लोगों को ठीक से उपचार भी नहीं मि‍ल रहा है। दो माह में बुखार से मरने वालों की संख्या 120 से ज्‍यादा हो गई है। जबकि कोरोना महामारी में मरने वालों का सरकारी आंकड़ा मात्र 19 है। मरने वालों की जांच होती तो हो सकता है इनमें से ज्‍यादातर कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से मरे हो। हालांकि‍ वि‍भाग की ओर से बेहतर चि‍कि‍त्‍सीय सुवि‍धाओं का दावा कि‍या जा रहा है।

चंदौसी नगरपालिका के आंकड़ों पर गौर करें तो कोरोना महामारी के चलते बुखार व आक्सीजन न मिलने के कारण पि‍छले दो माह में 120 से ज्‍यादा मौतें हाे चुकी है।शहर में कोरोना की चपेट में आकर एक हजार से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं इस अवधि में 19 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। इधर कोरोना के साथ यहां बुखार भी कहर बरपा रहा है। शहर में औसत एक दिन दो से ज्यादा लोगों की बुखार जान ले रहा है। बुखार के साथ आक्सीजन लेवल कम होने के कारण शहर के काफी लोग निजी अस्पतालों में तड़पकर दम तोड़ चुके है।

सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने तथा कोरोना के अलावा अन्य जांचों का काम न हो पाने से कोरोना के संदिग्ध लक्षणों वाले मरीज बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों व क्लीनिक के साथ झोलाछापों से उपचार कराने को विवश हो रहे हैं। इतना ही नहीं शहर में गंभीर मरीजों के परि‍जन आक्सीजन के लिए भटकने को मजबूर हैं। 

शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना महामारी के साथ बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बुखार की चपेट में आकर काफी लोगों की मौत हो चुकी है। सीीएचसी प्रभारी हरवेंद्र सि‍ंह ने बताया कि‍ जिन लोगों को तेज बुखार आया और उनकी एक दो दिन मेंं ही मौत हो गई खासतौर ऐसे लोगों की अचानक दिल की धड़कने रुक जाना मौत का कारण बना है। 

Post a Comment

0 Comments