Saturday, 29 May 2021

आने वाला है 100 रुपये का नया नोट, RBI जारी करेगा वार्निश लगे बैंक नोट



नई दिल्ली-डीवीएनए। अभी-अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 100 रुपये के वार्निश लगे नोट जारी करने की तैयारी में है। खबर है कि अब 100 रुपए का नोट खूब चमकदार होगा। नोट में पहले भी चमक थी, लेकिन अब इसे और बढ़ाने का फैसला किया गया है। अभी इसे ट्रायल के आधार पर जारी किया जाएगा। बाद में इसे बड़े पैमाने पर उतारने की तैयारी है। वार्निश लगे नोट उतारने के पीछे वजह नोटों को टिकाऊ और सुरक्षित बनाना है।

फील्ड ट्रायल सफल रहता है तो वार्निश लगे नोट धीरे-धीरे उतारे जाएंगे और पुराने नोट हटा लिए जाएंगे। उनकी जगह पर नए चमकदार नोट आ जाएंगे। वार्निश चढ़े नोट के बारे में रिजर्व बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया है। आरबीआई ने नोटों के लिए कई प्लान बनाए हैं जिसमें वार्निश लगे नोट भी एक है।

रिजर्व बैंक नोटों को इस तरह से डिजाइन करना चाहता है जिससे कि नेत्रहीन लोग भी हाथ में लेकर पहचान सकें। रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा है, भारतीय नोट में नेत्रहीन लोगों की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। जैसे इंटेग्लियो प्रिंटिंग, टेक्टाइल मार्क, नोटों के अलग-अलग साइज, नोटों पर बड़े अक्षरों में शब्द लिखना, नोटों के अलग-अलग रंग, मोनोक्रोमेटिक कलर और नोटों का पैटर्न इसमें शामिल हैं।

नोटों की चलिटी बेहतर हो, इसके लिए आरबीआई ने मुंबई में बैंकनोट चलिटी एस्योरेंस लेबोरेटरी की स्थापना की है। इस लेबोरेटरी का काम नोटों को अपग्रेड करने और स्टैंडर्ड बढ़ाने पर जोर देना है। देश के अलग-अलग प्रेस नोट में नोट छपते हैं, उन सबका स्टैंडर्ड एक हो और सभी सुरक्षा के मानकों का ध्यान रखा जा सके, बैंकनोट चलिटी एस्योरेंस लेबोरेटरी इस पर काम करता है।

सालाना रिपोर्ट में आरबीआई ने बताया है, पिछले साल की तुलना में इस साल नकली नोटों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। 10 के जाली नोट 20.2 परसेंट, 20 के जाली नोट 87.2 परसेंट और 50 के जाली नोट 57.3 परसेंट पकड़े गए हैं। 500 और 2,000 के नकली नोट भी पकड़े गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 500 रुपये (नोटबंदी के बाद शुरू हुए नए नोट) के जाली नोटों में 121.10 परसेंट और 2,000 के जाली नोटों में 21.9 परसेंट की तेजी देखी जा रही है। हालांकि एक अच्छी बात यह है कि 100 के जाली नोटों में पहले से गिरावट है और इसमें 7.5 परसेंट की कमी देखी गई है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 100 के नए नोट हाल में जारी किए गए हैं।

गौर हो कि 1 जुलाई, 2020 से 31 मार्च 2021 तक सिक्योरिटी प्रिंटिंग पर कुल 4,012.1 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। पिछले साल जुलाई 2019 से जून 2020 तक सिक्योरिटी प्रिंटिंग पर 4,377.8 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जाली नोटों के बारे में रिजर्व बैंक ने कहा कि कुल नकली नोटों में 3.9 परसेंट रिजर्व बैंक में जबकि 96.1 परसेंट अन्य बैंकों में पाए गए थे। 2020-21 के दौरान कुल 2,08,625 जाली नोट पकड़ में आए। 2019-20 में यह संख्या 2,96,695 थी और 2018-19 में 3,17,384 थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल की तुलना में इस साल नोटों की आवक 9.7 परसेंट कम हुई है। पिछले साल से इस साल देखें तो बैंक नोट की सप्लाई 0.3 परसेंट कम हुई है।

बाजार में जितने नोट हैं, उनमें किस नोट की कितनी मात्रा है, रिजर्व बैंक ने इसके बारे में भी बताया है। वैल्यू टर्म में देखें तो 500 और 2,000 के बैंक नोट 85।7 परसेंट चलन में हैं। यानी कि देश में जितने बैंक नोट चलन में हैं, उनमें 85.7 परसेंट 500 और 2,000 के नोट हैं। 31 मार्च, 2020 को यह मात्रा 83.4 परसेंट थी। रिपोर्ट में यह बात कही गई है। वॉल्यूम के हिसाब से देखें तो 500 के नोट का शेयर सबसे ज्यादा है और यह 31.1 परसेंट के आसपास है। उसके बाद 10 रुपये का नोट आता है जिसका वॉल्यूम 23.6 परसेंट है। नोटों की यह मात्रा 31 मार्च, 2021 के चलन के हिसाब से बताई गई है।

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