Wednesday, 14 April 2021

कोरोना मरीज भी इस तरह डाल सकेंगे पंचायत चुनाव में वोट

लखनऊ। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण होम क्वारंटीन या फिर अस्पताल में भर्ती लोग भी मतदान से वंचित नहीं होंगे। इनके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने खास योजना बना रखी है। इसके लिए कोरोना संक्रमित व्यक्ति के स्वजन को मतदान के एक दिन पहले जिले में रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित में जानकारी देनी होगी। यानी पहले चरण के मतदान वाले जिलों में कोविड से संक्रमित लोगों के परिवार वाले पहले उनके बारे में जानकारी दे दें।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण की तेजी से बढ़ती लहर के बीच में 15 अप्रैल से उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव होंगे। कोरोना संक्रमण के बीच होने वाले चार चरण के मतदान को उत्तर प्रदेश सरकार के साथ राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया है और 15 अप्रैल को 18 जिलों में होने वाले मतदान की सभी तैयारियां भी पूरी हैं।

चार चरण में होने वाले मतदान में इस बार मतदाता के पास वोट डालने के लिए 11 घंटा का समय रहेगा और जिस जिले में मतदान होगा वहां पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पंचायती राज विभाग ने इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान का समय 11 घंटे कर दिया है। ऐसा पहली बार है जब निर्वाचन आयोग ने मतदान करने के लिए इतना समय दिया है।

मतदान सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो जाएगा और शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। शाम 6 बजे तक जो लोग भी मतदान की लाइन में लग जाएंगे, वह अपना वोट डालकर ही जाएंगे चाहे रात हो जाए। कोरोना वायरस संक्रमण के संकट को देखते हुए आयोग ने ऐसी व्यवस्था दी गई है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण होम क्वारंटीन या फिर अस्पताल में भर्ती लोग भी मतदान से वंचित नहीं होंगे। इनके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने खास योजना बना रखी है।

इसके लिए कोरोना संक्रमित व्यक्ति के स्वजन को मतदान के एक दिन पहले जिले में रिटर्निंग ऑफिसर को लिखित में जानकारी देनी होगी। यानी पहले चरण के मतदान वाले जिलों में कोविड से संक्रमित लोगों के स्वजन बुधवार तक उनके बारे में जानकारी दे दें। जिससे कि 15 अप्रैल से शुरू हो रहे पंचायत चुनाव में उनके लिए समुचित इंतजाम हो सके। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के स्वजन को मतदान के एक दिन पहले रिटर्निंग ऑफिसर को इस बारे में लिखित में जानकारी देनी होगी।

इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार हर जगह पर मतदान से पहले संक्रमित वोटर को पीपीई किट पहनाकर वोट डलवाया जाएगा। इस दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी पीपीई किट पहनना अनिवार्य होगा। संक्रमित के वोट डालने के बाद उस पूरे कमरे को सैनिटाइज किया जाएगा।

प्रदेश में चार चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 15 अप्रैल को होगा। इसके बाद 19 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। पहले चरण में 18 जिलों में मतदान होगा। दूसरे चरण व तीसरे चरण में 20-20 और चौथे चरण में 17 जिले में चुनाव होंगे। सभी जगह के चुनाव का परिणाम दो मई को आ जाएगा।

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