हत्यारिन शबनम के डेथ वारंट पर कोर्ट में सुनवाई आज

अमरोहा। बावनखेड़ी की खलनायिका शबनम की दया याचि‍का राष्ट्रपति खारि‍ज कर चुके हैं। शबनम को फांसी के फंदे पर कब लटकाया जाएगा, इस पर सेशन कोर्ट में 23 फरवरी यानी मंगलवार को सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद ही सेशन कोर्ट से रिपोर्ट रामपुर व मथुरा जेल को भेजी जानी है।

वर्ष 2008 में अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर परिवार के मासूम समेत सात लोगों के खून से हाथ रंगने वाली बावनखेड़ी की खलनायिका शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी पुनर्विचार याचिका अस्वीकार्य कर दी। लिहाजा, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रामपुर जेल अधीक्षक ने सेशन कोर्ट अमरोहा को प्रेषित कर दिया गया था। साथ ही शबनम का डेथ वारंट मांगा था।

बता दें कि शबनम इन दिनों रामपुर जेल में बंद है। अब जनपद न्यायालय ने अभियोजन से इस बात का ब्योरा मांगा है कि शबनम के अधिवक्ता की ओर से कोई याचिका तो दाखिल नहीं की गई है या इस मुकदमे से संबंधित कोई मामला विचाराधीन तो नहीं है। सेशन कोर्ट ने इस संबंध में सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तिथि मुकर्रर की है। ऐसे में सेशन कोर्ट सुनवाई कर अग्रिम आदेश जारी किया जा सकता है।

इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली के दो अधिवक्ता रामपुर जेल में शबनम से मिले थे। उन्होंने शबनम की तरफ से राज्यपाल को पुनर्विचार याचिका भेजे जाने की जानकारी दी थी। इसकी एक प्रति जनपद न्यायालय को भी भेजी थी। शबनम के अधिवक्ता शमशेर सैफी ने बताया कि न्यायालय ही आगे की प्रक्रिया पर कोई निर्णय लेगा।

ये है मामला 
यूपी के अमरोहा हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में शिक्षामित्र शबनम ने 14/15 अप्रैल 2008 की रात को प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम और फुफेरी बहन राबिया का कुल्हाड़ी से वार कर कत्ल कर दिया था। डेढ़ साल के भतीजे अर्श का गला घोंट दिया था।

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