इकलौते बेटे की शहादत पर कर्नल की मां को गर्व, बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए

लद्दाख की गैलवन घाटी में भारत और चीन के बीच हुए हिंसक संघर्ष में शहीद हुए सैन्य कर्मियों में बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू भी शामिल थे। शहीद कर्नल की मां को अपने इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व है।

उसी रेजिमेंट के कई अन्य सैन्यकर्मी भी चीन के विश्वासघात से मारे गए हैं। शहीदों में बिहार रेजिमेंट के जवान कुंदन ओझा हैं। कुंदन 17 दिन पहले बेटी के पिता बने, लेकिन दुर्भाग्य से वह अपनी बेटी का चेहरा भी नहीं देख सके। शहीद हवलदार पलानी एक साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन इससे पहले यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।

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