OMG...एक ऐसी जगह जहां शव यात्रा के दौरान रोने के लिए किराए पर मिलते हैं लोग

इंसान का जन्म और मरण प्रकृति का नियम है। जब भी किसी की मृत्यु हो जाती है तो उनकी अंतिम विदाई के समय सभी की आँखों में आंसू होते हैं। ना चाहते हुए साथी रिश्तेदार रोने लगते हैं और उन्हें खोने का दुःख साफ़ दिखाई देता है। पुराने समय में कुछ लोगों को रोने के लिए बुलाया जाता था। ऐसा आज भी कहीं-कहीं किया जाता है। यानि पैसे देकर लोगों को बुलाया जाता है ताकि वो ऐसे दुःख के मौके पर रो सके।
रोने के लिए किराये पर मिलते है लोग:
अफ्रीका के लोगों का ऐसा ही रिवाज है जहाँ दूसरे लोग किसी की अंतिम विदाई पर रोने आते हैं। अफ्रीका के घाना के पेशेवर मूरर्स अंतिम संस्कार में रोने का काम करते हैं और उसके बदले उन्हें पैसे भी दिए जाते हैं। घाना में कुछ लोगों का समूह ऐसा है जिनके लिए ये काम पेशा और शौक बन चुका है। इस पर उस समूह के लोग कहते हैं कि घर के कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अंतिम संस्कार में रो नहीं पाते। इसी के कारण उन मूरर्स को बुलाया जाता है ताकि वो ये काम अच्छे से कर सकें।
क्या है इसका कारण:
इस पर अरफीका की महिलाएं कहती हैं कि उनके समुह में कई विधवाएं भी होती हैं जिनके लिए रोना आसान नहीं होता। अजनबी के लिए रोना भी आसान काम नहीं है इसलिए उन्हें इस बात के पैसे दिए जाते हैं। ऐसा सिर्फ अफ्रीका में ही नहीं बल्कि भारत के एकाध जगह पर ऐसा ही होता जहाँ पर महिलाओं का रोना होता है वहां बाहर से ऐसी महिलाओं को बुलाया जाता है जो ऐसे मौके पर रो सके।

Post a Comment

0 Comments