महिलाओं के नाम पर ही क्यों दी जाती है गालियां..?

जब कभी भी किसी को गुस्‍सा आता है तो वो सामने वाले को गालियां देकर अपनी भड़ास निकालता है। ज्यादातर गालियां औरतों के नाम पर बनी हैं लेकिन क्‍या आपने कभी ये सोचा है कि आखिरकार महिलाओं के नाम पर गालियां क्‍यों बनाई गईं हैं। गालियों की भाषा में औरत, उसके शरीर या उसके रिश्‍ते का इस्‍तेमाल होता है। कभी हिंसा में तो कभी सेक्‍शुअल तंज के साथ लोग गालियां देते हैं।
# गालियाँ बनी बोलचाल का हिस्सा :
इन गालियों को प्रयाग अब लोग इतना ज्‍यादा करने लगे हैं कि अब तो ये हमारी आम बोलचाल का हिस्‍सा बन गईं हैं। महिलाओं पर गालियां बनना, समाज का एक अलग आईना दिखाती हैं। इसे बदलने के लिए समाज को अपने गलत नज़रिए का चश्‍मा उतारना चाहिए। लोग कितना बदल पाएंगें ये तो नहीं कहा जा सकता लेकिन शायद औरतों की के मन में दबी कुढन इसे रोकने से कम हो जाए।
# नीचा दिखाने के लिए करते है औरतों का इस्तेमाल :
औरतों पर बनी गालियां हमारे समाज के काले सच को उजागर करती हैं जहां आज भी किसी को नीचा दिखाने के लिए औरतों का इस्‍तेमाल किया जाता है। अगर आपकी किसी के साथ लड़ाई हो जाती है और आप उसे नीचा दिखाना चाहते हैं या अपने मन की भड़ास निकालना चाहते हैं तो उन्‍हें गालियां देते हैं वो भी मां..बहन..की।
# गलियों से होती है औरतों की गरिमा की हानि :
इससे पता चलता है कि औरतों का आज भी इस्‍तेमाल हो रहा है। आप और हम कहीं ना कहीं इस बात से सहमत हैं कि औरतों पर गालियां बनना गलत बात है, इससे औरतों की गरिमा की महिमा को हानि पहुंचती है।

Post a Comment

0 Comments