इस मंदिर में भगवान की जगह पूजा जाता है एक कुत्ता, इतना पुराना है मंदिर...

भारत एक पूजा पाठ और परम्पराओ का देश है। भारत एक हिन्दू प्रधान देश है यहां हर गली हर महौल्ले में मंदिर देखने को मिल जाते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अजीबो-गरीब मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में ना इससे पहले आपने सुना होगा और ना ही देखा होगा।

यह मंदिर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के खापरी गाँव में स्थित कुकुरदेव का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर की सबसे अजीब बात यह है कि इस मंदिर में किसी देवी-देवता की नहीं बल्कि कुत्ते की पूजा की जाती है।

स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है कि इस मंदिर में पूजा करने से कुकुर खाँसी और कुत्ते के काटने जैसी गंभीर समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। यहाँ पर किसी का इलाज नहीं होता है लेकिन लोगों के अनुसार यहाँ आने वाले लोगों की समस्या ख़त्म हो जाती है।

 इसका निर्माण फणी नागवंशी शासकों द्वारा 14-15 वीं शताब्दी में करवाया गया था। मंदिर के गर्भगृह में एक कुत्ते की प्रतिमा स्थापित की गयी है और बगल में ही एक शिवलिंग भी स्थापित किया गया है। मंदिर 200 मीटर के दायरे में फैला हुआ है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर दोनों तरफ कुत्ते की प्रतिमा लगायी गयी है।

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