यहां उल्टे लिए जाते हैं फेरे और उल्टी दिशा में ही घूमती है घड़ी


हम सभी घड़ी पहनने के शौकीन होते हैं, साथ ही उसकी सुईयां किस दिशा में चलती हैं इस चीज़ से भी भली भांति वाकिफ हैं। दाई ओर चलती हुई सुईयां अक्सर हमें सही समय का ज्ञान कराती हैं, लेकिन जरा सोचिए अगर यह घड़ी की सुई अगर उल्टी दिशा में चलने लगे तो क्या होगा ? क्या समय पलट जाएगा या फिर आप अपनी घड़ी को खराब साबित कर देंगे। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां घड़ी की सुई उल्टी दिशा में चलकर सही समय बताती है। 
विपरीत दिशा में चलती है यहां घडी:
गोंड़ समुदाय के आदिवासी परिवारों का कहना है कि उनकी घड़ी ही स्‍वाभाविक है जो प्रकृति के नियम अनुसार चलती है। उन्‍होंने अपने समय को गोंडवाना टाइम का नाम दिया है। इस विपरीत दिशा में चलने वाली घड़ी के पीछे यहां के लोगों का तर्क है कि पृथ्वी भी दायीं से बायीं ओर घूमती है। सूर्य, चंद्रमा और तारे भी इसी दिशा में अंतरिक्ष में यात्रा करते हैं।
उल्टी दिशा में लिए जाते है फेरे:
यहां तक कि नदी तालाब में पड़ने वाले भंवर और पेड़ के तने से लिपटी बेल सभी की दिशा यही होती है। इसी तरह शादी के समय फेरे भी दाहिने से बायीं ओर घूमकर लिए जाते हैं। इसलिए ये समुदाय मानता है कि दुनिया में प्रचलित घड़ियां प्रकृति के विरुद्ध उलटी दिशा में घूम रहीं, जबकि वे सही दिशा का पालन कर रहे हैं। साथ ही कहा जाता है यह घड़ी 32 समाज की घड़ियों में प्रचलित है।

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