सेक्स की लत लगने पर जानें लक्षण और इलाज

Sex Addiction in Hindi कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर – सेक्स की लत, सेक्स एडिक्शन या यौन लत को कहते हैं। इसे मानकिस बीमारी माना जाता है और इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के मन में सेक्सुअल और अश्लील विचार आते रहते हैं और यह उसके व्यवहार में भी दिखायी देता है जिसके कारण उसकी सेहत पर इसका नकारात्मक प्रभाव (negative impact) पड़ता है और दूसरे व्यक्ति एवं उसके निजी रिश्ते खराब होने की संभावना ज्यादा होती है। इस लेख में आप जानेगे सेक्स की लत या सेक्स एडिक्शन (कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर) के कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में।
सेक्स की लत लग जाना या बार-बार सेक्स करने की तीव्र इच्छा (intense sex drive) होने की स्थिति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर कहा जाता है। इस बीमारी को हाइपरसेक्सुएल्टी भी कहते हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में तीव्र यौन उत्तेजना (sexual excitement) होती है जिसके कारण वह अपने आप को नियंत्रित नहीं कर पाता है। इसके अलावा इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति एकांत में खूब हस्तमैथुन (musterbation) करता है और संतुष्टि प्राप्त करता है या किसी भी महिला के सामने सेक्स करने की इच्छा जाहिर कर देता है। आपको बता दें कि कंपल्सिव सेक्लुअल बिहेवियर की बीमारी पुरुषों को ज्यादा प्रभावित करती है।
कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर या सेक्स एडिक्शन का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि यह समस्या मस्तिष्क से जुड़ी हुई होती है। आइये जानते हैं कि किसी कि किसी व्यक्ति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या किन कारणों से होती है।
सेक्स एडिक्शन का कारण मस्तिष्क में रसायनों का असंतुलिट होना
मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) में सेरोटोनिन (serotonin) और डोपामिन एवं नोरेपिनेफ्रिन (norepinephrine) नामक कुछ विशेष रसायन बनते हैं जो व्यक्ति के मूड को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। लेकिन जब मस्तिष्क में इन रसायनों का उत्पादन अधिक मात्रा में होने लगता है तो ये रसायन मस्तिष्क के मार्गों (brain pathways) में परिवर्तन कर देते हैं जिसके कारण व्यक्ति को कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या हो जाती है।
मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियां सेक्स की लत का कारण हो सकती है
कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर को एक प्रकार की लत कहा जा सकता है। जिसके कारण मस्तिष्क के तंत्रिका सर्किट (neural circuits) में भी परिवर्तन आ जाता है, विशेषरूप से मस्तिष्क के केंद्र में। इस तरह की बीमारी होने पर व्यक्ति को अन्य लतों (addictions) की तरह ही सेक्स करने की लत लग जाती है और किसी भी वक्त सेक्स करने की तीव्र इच्छा हो सकती है। इसके अलावा व्यक्ति को सेक्स की कभी भी जरूरत पड़ सकती है और वह सेक्स करके संतुष्टि (satisfaction) और राहत पाने के लिए हर संभव कोशिश करता है।
शरीर की कुछ बीमारियों का असर मस्तिष्क पर पड़ने से लग सकती है सेक्स की लत
कुछ विशेष बीमारियां जैसे मिर्गी (epilepsy) और डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) आदि बीमारियों के कारण मस्तिष्क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं जो व्यक्ति के सेक्सुअल बिहेवियर को भी प्रभावित करते हैं। इसके अलावा पार्किंसन की बीमारी (Parkinson’s disease) के इलाज के लिए डोपामिन युक्त दवाओं के कारण भी कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या हो जाती है।
सेक्स की लत (सेक्स एडिक्शन) के जोखिम 
हाइपर सेक्सुअलिटी या कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की समस्या स्त्री और पुरुष दोनों में पायी जाती है लेकिन आमतौर पर यह बीमारी पुरुषों को अधिक होती है। यह बीमारी किसी को भी प्रभावित कर सकती है और वह तीव्र सेक्स की इच्छा जाहिर कर सकता है। कुछ ऐसे कारक (Factors) हैं जो कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के खतरे को अधिक बढ़ा देते हैं।
आज के समय में आधुनिक तकनीक (technology) के जरिए लोग अश्लील चित्र और पोर्नोग्राफी बहुत आसानी से देख लेते हैं और सेक्स से जुड़ी कहानियों सहित सेक्स के बारे में हर जानकारी ले लेते हैं जिसके कारण ऐसे लोगों में कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा अधिक शराब और नशीली दवाओं (drugs) के सेवन से भी पुरुषों को यह बीमारी होने का खतरा बना रहता है जिसके कारण वे अपनी सेक्स की इच्छाओं को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं और किसी भी महिला के साथ जबरदस्ती कर सकते हैं।
डिप्रेशन, चिंता और तनाव, बार-बार मूड खराब होने (mood swing) की समस्या और जुआ खेलने की लत भी कंपल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर के खतरे को बढ़ा सकती है।
यदि परिवार में किसी सदस्य को यह समस्या रही हो और वह किसी महिला को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता हो या यौन शोषण (sexual abuse) करता हो तो घर के अन्य पुरुष सदस्यों को भी यह समस्या हो सकती है।

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