भारत की ऐसी जगहें जिन्हें देख उड़ जाते है सबके तोते

आपने भारत देश को ‘सोने की चिड़िया’ तो कहते हुए सुना होगा लेकिन क्या कभी ऐसा सुना है कि भारत देश रहस्यमय और तंत्र-मंत्र वाला देश है. यह जानकर हैरानी होगी कि भारत में कुछ ऐसी जगहें हैं जिनके रहस्यों को सुलझाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. वैज्ञानिक भी इसशोध करने में 
1) सबसे पहले बात करते है कमरुनाग झील की...
यह एक ऐसी झील है जहाँ अरबों का खजाना दफ़न है. इतना ही नहीं यह खजाना हर साल बढ़ रहा है. वहाँ रहने वाले लोगों का कहना है कि इस खजाने को आसानी से देखा जा सकता है. आपको बता दें, यह झील मंडी जिले से करीब 60 किलोमीटर की दूरी पर है. पौराणिक मान्यता के अनुसार यहाँ सोना-चांदी चढाने से मन्नत पूरी होती है इसलिए यहाँ श्रद्धालु सोना-चांदी और पैसे चढाते है. ख़ास बात तो यह है कि इन्हें कोई निकालता भी नहीं है.
2) वहीं रुपकुंड झील की बात करें तो इसे कंकालमय झील के नाम से भी जाना जाता है. यह झील हिमालय पर लगभग 5029 मीटर की उंचाई पर स्थित है. यह कुंड को रहस्मय इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ नरकंकाल की परछाई पानी में तैरती हुई नज़र आती है. वैज्ञानिकों के पास इन नरकंकाल को लेकर अभी भी पुख्ता सबूत नहीं है लेकिन बताया जाता है कि साल 850ई. में आए श्रद्धालु और स्थानीय लोगों के ये नरकंकाल है.
3) इसके साथ ही अजंता-एलोरा की गुफाएं भी कई रहस्यों से घिरी हुई है. दरअसल, वैज्ञानिकों का कहना है कि इस गुफा को एलियंस के समूह ने बनवाया है. इसके साथ ही यहाँ विशालकाय कैलाश मंदिर मौजूद है जिसका निर्माण 4 हज़ार वर्ष पूर्व पहले करवाया गया था. 40 लाख टन की इस चट्टान को किस तकनीक से बनाया गया होगा यह आज भी रहस्य बना हुआ है. इतना ही नहीं इस गुफा के नीचे एक गुप्त शहर भी बसा हुआ है.
4) चुम्बकीय पहाड़
लेह लद्दाक की खूबसूरती को हर व्यक्ति करीब से देखना चाहता है लेकिन यहाँ तक पहुँचने के लिए चुम्बकीय पहाड़ से गुजरना पड़ता है. यह पहाड़ ऐसा है जो धातु को अपनी और खींचता है. जी हाँ! यदि आप अपनी गाड़ी को न्यूट्रल करते है तो आपकी गाडी नीचे जाने के बजाय ऊपर की और जाएगी. यह रहस्य लोगों को आज भी परेशान करता है.
5) वृन्दावन का निधिवन
ऐसा माना जाता है कि आज भी हर रात श्रीकृष्ण, राधा संग रास रचाते है इसलिए निधिवन को शाम की आरती के बाद बंद कर दिया जाता है. इसके साथ ही निधिवन के अन्दर रंगमहल भी है जहाँ मान्यता है कि रोज रात राधा-कृष्ण रासलीला के बाद यहीं विश्राम करते है. यहाँ एक पलंग है जिसे शाम के 7 बजने से पहले सजा दिया जाता है और साथ में एक जल से भरा कलश भी रख दिया जाता है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि सुबह पलंग अस्त-व्यस्त मिलता है और जल से भरा कलश खाली. ध्यान रहे यदि रात के वक़्त इसे कोई देखना भी चाहे तो नहीं देख सकता क्योंकि इसके बाद वह पागल हो जाता है. इसी तरह के और इंटरेस्टिंग फैक्ट जानने के लिए बने रहे.    

Post a Comment

0 Comments