गूंगी बहरी युवती ने किया 8300KM का सफर तय

33 साल की अर्चना तिममारजू वैसे तो बचपन से ठीक से सुन नहीं सकती, साथ ही सुनने की इस कमजोरी के कारण वो ठीक से बोल भी नहीं पाती लेकिन उन्होंने अपनी इस कमजोरी को कभी, कमजोरी नहीं रहने दिया, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत के रूप में उपयोग किया और आज उन्होंने वो अपने जूनून और ज़िंदगी से ज़िद के दम पर 8300 किलोमीटर बाइक से सफर कर इतिहास रच दिया. 
इस यात्रा में उन्हें उनके दोस्त डेनियल सुंदरम का भी सहयोग मिला, जो कि एक Geography टीचर भी हैं. बीते 29 अप्रैल को Royal Enfield से अर्चना के सफ़र की शुरूआत हुई और समाप्ति 29 मई Freedom Parkon पर हुई. TOI से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 'मेरा मकसद दिव्यांग लोगों को प्रेरित करना था, साथ ही बाइक की सवारी के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करना भी, क्योंकि पुरुष ही हमेशा मज़ा क्यों करें.'
बता दें,  अर्चना तिममारजू बचपन से 40% हियरिंग एबिलिटी के साथ पैदा हुई थी.अर्चना की इस यात्रा में उनके दोस्त डेनियल सुंदरम भी उनके साथ थे, जो की Geography के टीचर भी है. बीते 29 अप्रैल को Royal Enfield से अर्चना के सफ़र की शुरूआत हुई और समाप्ति 29 मई को हुई. हालाँकि अर्चना का यह काम जितना बड़ा है उससे कई ज्यादा बड़ा है उनका हौसला और मकसद. अर्चना का मानना है कि इससे दिव्यांग लोगों को प्रेरणा मिलेगी. 

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