जब राह चलती लड़की को मनचलों ने छेड़ा, मिला ऐसा करारा जवाब

छेड़छाड़ एक गंभीर समस्या है। तमाम लड़कियां स्कूल जाने में असहज महसूस करती हैं। लोक लिहाज के कारण वह छेड़छाड़ का खुलकर विरोध भी नहीं कर पातीं और माता-पिता भी बदनामी के डर से पुलिस तक नहीं जा पाते लेकिन कब तक चुप रहेंगे।

इसमें दो राय नहीं हैं कि लड़कियों का छेड़छेड़ को इग्नोर कर देना और  चुप रह जाना ही असामाजिक तत्वों के मनोबल को बढ़ाता है।

स्कूलों में जूडो, कराटे में लड़कियों को पारंगत होना चाहिए तभी वह खुद अपनी सुरक्षा कर सकती हैं और दूसरी महिलाओं की भी सुरक्षा दे सकती हैं।

तमाम संसाधनों के बीच भी लड़कियों का घर से निकलना मुश्किल है। ट्यूशन जाएं या बाजार। कहीं भी पुरुषों के मुकाबले लड़कियां खुद का बचाव नहीं कर पाती हैं।

प्रदेश में नई सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वायड गठित किया तो इसका असर भी दिखाई दिया कि पार्को, सड़कों पर फब्तियां कसने वाले पकड़ में आए लेकिन, अब यह स्क्वाड भी शांत पड़ गया।

इसी टॉपिक पर एक यूट्यूब चैनल ने शार्ट मूवी बनायी है, जो आपको जरूर देखनी चाहिए।

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