इस अख़बार में फुटपाथ के बच्चे हैं रिपोर्टर

नई दिल्ली। बालकनामा दुनिया का ऐसा अनोखा अखबार है जिसे सड़क पर रहने वाले कामकाजी बच्चे चलाते हैं, इस अखबार की चर्चा न केवल भारत में बल्कि पूरी विश्व में भी हैं, इतना ही नहीं यह अनोखा अखबार अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज करवा चुका है। 
इस अनोखे अखबार के बच्चे खुद ही इसके रिपोर्टर हैं, वे खबरें खुद ही लिखते हैं और जिसे लिखना नहीं आता वो बोल-बोल कर लिखने वाले से लिखवा लेते हैं, इतना ही नहीं ये बच्चे फिर इसे खुद ही एडिट कर छापने के बाद इस अखबार को दस हज़ार बच्चों तक पहुंचाते भी हैं। आपको बता दें कि चेतना नाम की गैर सरकारी संस्था ने इन बच्चों को एक ऐसा प्लेटफार्म दिया है जहाँ ये न केवल अपनी बात रख सकते हैं बल्कि हजारों लोगों तक पहुँचा भी सकते हैं।

ये देखा गया है कि फुटपाथ की ज़िंदगी कभी सुर्खियाँ नहीं बन पाती, चाहे बात हमारे देश के भविष्य की ही क्यों न हो। देश की राजधानी में भी इनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता हैं वहीँ बालकनामा अखबार चलाने का फैसला वाकई प्रेरणादायक है।
इस अनोखे अखबार की बुलंदिया दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि ये खबर पहले त्रिमासिक था लेकिन यह अब हर दो महीने पर छपता है, इतना ही नहीं इसका एडिटर बोर्ड अब इसकी बढती मांग को देखकर इसे हर महीने छापने कि योजना पर भी काम कर रहा है। 

Post a Comment

0 Comments